
#सफलता_की_कहानी
अस्पताल के डॉक्टर्स के प्रयासों से कमलेश को मिला नया जीवन , बेहतर उपचार से हीमोग्लोबिन स्तर 1.7 से बढ़कर 8.1 हुआ
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खण्डवा//फेंफड़ों के टी.बी. रोग से ग्रस्त हरदा जिले के ग्राम कमताड़ा निवासी कमलेश पिता प्रेमलाल उम्र 28 वर्ष के हीमोग्लोबिन का स्तर घटकर मात्र 1.7 रह गया था। गम्भीर स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें गत दिनों श्री दादाजी धूनीवाले जिला चिकित्सालय सह नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय खंडवा में लेकर आए जहां उसे टी.बी. स्पेशलिस्ट डॉ. नितिन कपूर ने स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा कमलेश का छाती का एक्स-रे एवं अन्य जांच करवाई। जांच में स्थिति की गम्भीरता देखते हुए डॉ. नितिन कपूर एवं टीम जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संदीप परिहार, डॉ. स्नेह जनविदे तथा वैशाली चंदवानी के सहयोग से तुरंत मरीज को भर्ती कर इलाज प्रारंभ किया गया। डॉ. कपूर ने बताया कि मरीज को अति गंभीर एनीमिया भी था।
डॉ. कपूर ने बताया कि जिला अस्पताल में कमलेश को 4 बोतल खून चढ़ाया गया, जिससे स्थिति में पहले से बेहतर सुधार हुआ। मरीज को समझाया गया कि वह हिम्मत न हारे, बल्कि डॉक्टर के निर्देशों का पालन करे, तो पूरी तरह ठीक हो जाएगा। डॉ. नितिन कपूर ने बताया कि पिछले 10-12 दिनों के लगातार इलाज से कमलेश की स्थिति में काफी सुधार है और वह पहले से काफी बेहतर स्थिति में है। अब कमलेश का हीमोग्लोबिन बढ़कर 8.1 ग्राम हो गया है तथा अभी भी जिला अस्पताल में भर्ती होकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहा है। कमलेश ने बताया कि जिला अस्पताल खण्डवा के डॉक्टर्स के प्रयासों से उसे नया जीवन मिला है, इसके लिए वह सभी डॉक्टर्स का आभार प्रकट करता है। कमलेश ने बताया कि अस्पताल में पूरा इलाज व जांचें निशुल्क होने तथा डॉक्टरों एवं स्टाफ के अच्छे व्यवहार से वह बहुत खुश है।









